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जीवन का सफर किस्से कहानियो के संग…

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Latest stories…

मैं मैं हूँ!! जब तक तुम तुम हो!

मैं,मैं हूँ! जब तक तुम,तुम हो ! तुमसे सारे रंग रंगीलेतुमसे सारे साज सजीले,नैनों की सब धूप छाँव तुम,होठों की मुस्कान तुम ही हो।मैं,मैं हूँ! जब तक तुम,तुम हो ! तुमसे प्रीत के सारे मौसमतुमसे सूत,तुम ही से रेशमतुमसे लाली,तुमसे कंगन,मन उपवन के राग तुम ही होमैं,मैं हूँ! जब तक … “मैं मैं हूँ!! जब तक तुम तुम हो!”पढ़ना जारी रखें

शादी.कॉम -9

  …………..      बांसुरी के प्लान के मुताबिक राजा ने प्रेम के घर पे और बांसुरी ने निरमा के घर पे जाकर बात की,पर उम्म्मीद के विपरीत दोनों ही घर की अम्मा लोंगो ने और बड़ी बड़ी कसमें किरिया उठा ली कि,”हमरे जीते जी ई ब्याह ना हो सकब,हमरी ठठरी उठ … “शादी.कॉम -9”पढ़ना जारी रखें

जीवनसाथी-117

            जीवनसाथी -117            उनके सवाल पर समर एक किनारे खड़ा मुस्कुराता रहा… उसने पीछे देखा, कोर्ट रूम के दरवाजे पर एक आदमी अपना चेहरा आधा ढके खड़ा था उसने आंखों ही आंखों में समर को अभिवादन किया समर ने भी धीरे से बाकियों की नजर बचाकर उसके अभिवादन को … “जीवनसाथी-117”पढ़ना जारी रखें

शादी.कॉम -8

    हनुमान गली का गुड्डा असल में गुड्डा नही गुण्डा था,एक नम्बर का मवाली और नकारा गुड्डा अपने मोहल्ले ही नही सारे शहर का सर दर्द था।।  मोहल्ले में घूम घूम के दुकानदारों को सताना और चिढ़ाना उसका प्रिय शगल था।।     “काका कचौरी वाले” की दुकान हो या चौरसिया का … “शादी.कॉम -8”पढ़ना जारी रखें

शुभकामनाएं … हिंदी दिवस की

महादेवी वर्मा जो तुम आ जाते एक बार जो तुम आ जाते एक बार कितनी करूणा कितने संदेशपथ में बिछ जाते बन परागगाता प्राणों का तार तारअनुराग भरा उन्माद राग आँसू लेते वे पथ पखारजो तुम आ जाते एक बार हँस उठते पल में आर्द्र नयनधुल जाता होठों से विषादछा … “शुभकामनाएं … हिंदी दिवस की”पढ़ना जारी रखें

समिधा-27

   समिधा- 27     केदारनाथ त्रासदी को घटे सात महीने बीत चुके थे। जिन्होंने अपने अपनों को खोया था वो उस त्रासदी को इन सात महीनों में भी नही भूल पा रहे थे, यही हाल उनका भी था जिनके अपने इस त्रासदी से वापस लौट चुके थे।         वरुण मंदिर … “समिधा-27”पढ़ना जारी रखें

जब तुम बूढ़े हो जाओगे…..

मैं बन जाऊंगी फिर मरहमवक्त के ज़ख्मों पर तेरे औरमुझे देख हौले हौले सेफिर तुम थोडा शरमाओगे।जब तुम बूढे हो जाओगे।। सुबह सवेरे ऐनक ढूंडकानों पे मै खुद ही दूंगी ,अखबारों से झांक लगा केतुम धीरे से मुस्काओगे।जब तुम बूढे हो जाओगे ।। दवा का डिब्बा तुमसे पहलेमै तुम तक … “जब तुम बूढ़े हो जाओगे…..”पढ़ना जारी रखें

शादी.कॉम-7

       राधेश्याम जी के घर पे पूरा त्योहार का माहौल हो गया था,शाम को समधि जो आने वाले थे,राधे श्याम और उनके छोटे भाई सीता राम अपने अपने काम धन्धे से जल्दी वापस आ चुके थे लेकिन युवराज अपने पैट्रोल पम्प पर ही था,जाहिर है वो उनका दामाद ठहरा उसे … “शादी.कॉम-7”पढ़ना जारी रखें

शादी.कॉम- 6

                            राजा भैय्या के जिम में उन्होनें पहले महिलाओं और पुरूषों के लिये अलग अलग समय रखा था,परन्तु उनके चेले चपाडों का उन्हे वक्त बेक़क्त घेरे रहना उस मे दिक्कत डालने लगा था इसिलिए सारा कॉमन समय कर दिया,फिर भी अधिकतर घरेलू महिलायें,कॉलेज जाने वाली लड़कियाँ 9बजे के बाद जब … “शादी.कॉम- 6”पढ़ना जारी रखें

जीवनसाथी -116

   जीवनसाथी – 116         कोर्ट से मिले 2 दिन पलक झपकते कब बीत गए समर को पता ही नहीं चल पाया केस से संबंधित कागजों की तैयारी में ही उसके दिन और रात निकल गए।         अगले दिन सुबह की तारीख उन्हें कोर्ट की तरफ से मिली हुई थी। अगले … “जीवनसाथी -116”पढ़ना जारी रखें

शादी.कॉम -5

  “अम्मा जी खीर बना के रख दिये हैं,और कद्दू भी छौंक दियें हैं,ये देख लिजिये पूड़ी का आटा,इत्ता हो जायेगा कि और ले लें ।।”   रूपा यानी युवराज अवस्थी की दुल्हनीया और राजा भैय्या की भाभी आज बड़ी प्रसन्न हैं,हो भी क्यों ना !! आज उनके पिता और … “शादी.कॉम -5”पढ़ना जारी रखें

शादी.कॉम -4

  ,”पर्मिला अरी ओ पर्मिला,,कहाँ मरी पड़ी है,,हे राम!!! एक तो मरे घुटने के दर्द से चला फिरा नही जाता फिर भी तेरी बेटी के लिये कैसे रात दिन एक किये हूँ,,देख तो सही।।”   अपने पेट पर के टायरों को संभाले घुटनों को सहलाते बुआ जी प्रमिला को आवाज़ … “शादी.कॉम -4”पढ़ना जारी रखें

शादी.कॉम-3

राजा भैय्या के भलमनसाहत के किस्से जितने फेमस थे उससे कहीं ज्यादा भैय्या जी के कातिल रंग रूप के चर्चे थे मोहल्ले की लडकियों के बीच।।।।      क्या कुंवारी कन्यायें और क्या शादीशुदा ,सभी सुबह सुबह भैय्या जी एक झलक पाने को किसी ना किसी बहाने अपने द्वारे खिंची चली आती,कोई … “शादी.कॉम-3”पढ़ना जारी रखें

घरवाली

            “अरे कहाँ व्यस्त हो भाई लोग ,,सब के सब ऐसा क्या देख रहे कम्पयूटर पे…जरा हम भी तो देखें ।।””    ” अरे कुछ नही रवीश ,ये मेरी एक दोस्त है ,उसने अपनी पार्टी की फोटो पे मुझे टैग किया है ,फेसबुक पे,तो बस वही देख रहे ,हम दोनो।”     रवीश … “घरवाली”पढ़ना जारी रखें

जीवनसाथी – 115

     जीवनसाथी 115    वकील साहब ने अपनी जिरह समाप्त करने के बाद एक सबूतों का लिफाफा न्यायाधीश महोदय की तरफ बढ़ा दिया, लेकिन सुबह से चल रही जिरह में कोर्ट का समय समाप्त हो चुका था। उन सबूतों को कोर्ट में ही संभाल कर रख लिया गया। और न्यायाधीश … “जीवनसाथी – 115”पढ़ना जारी रखें

मैं हूँ…..

मैं खुशबू से भरी हवा हूँमै बहता जिद्दी झरना हूँकठिन आंच मे तप के बना जोमै ऐसा सुन्दर गहना हूँ ।। छोटा दिखता आसमान भी,मेरे हौसलों की उड़ान पे,रातें भी जो बुनना चाहे,मैं ऐसा न्यारा सपना हूँ ।। हरा गुलाबी नीला पीलामुझसे हर एक रंग सजा है,इन्द्रधनुष भी फीका लगताप्रकृति … “मैं हूँ…..”पढ़ना जारी रखें

शादी.कॉम-2

  …………………………            भैय्या जी के लिये औरतें सिर्फ और सिर्फ आदर की वस्तु थीं।                अपनी उबलती हुई उमर में भी आज तक किसी कंचन कामिनी की छाया उन्होनें अपने हृदय पे पड़ने नही दी थी,कहीं ना कहीं इसका कारण उनका स्कूल भी रहा होगा।।      राधेश्याम  जी पक्के जनसंघी थे, जब … “शादी.कॉम-2”पढ़ना जारी रखें

बस यूं ही….

भीड़ से निकले तो सिग्नल ने पकड़ लिया,ज़िन्दगी स्पीड ब्रेकर की नुमाइंदगी हो गयी….

रोज़ी …by अमृता प्रीतम जी

नीले आसमान के कोने मेंरात-मिल का साइरन बोलता हैचाँद की चिमनी में सेसफ़ेद गाढ़ा धुआँ उठता है सपने – जैसे कई भट्टियाँ हैंहर भट्टी में आग झोंकता हुआमेरा इश्क़ मज़दूरी करता है तेरा मिलना ऐसे होता हैजैसे कोई हथेली परएक वक़्त की रोजी रख दे। जो ख़ाली हँडिया भरता हैराँध-पकाकर … “रोज़ी …by अमृता प्रीतम जी”पढ़ना जारी रखें

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