शादी.कॉम -12

Advertisements

   “पहला पहला प्यार है,,पहली पहली बार है,
     जान के भी अनजाना कैसा मेरा यार है।।”

” अबे कौन बजाया बे! बदलो ई पहला पहला प्यार को!!”

” तो का लगायें भैय्या जी।” राजा की दहाड़ सुनते ही प्रिंस लपक पड़ा ।।जिम में लोगों का आवागमन शुरु हो चुका था,ऐसे में प्रिंस वर्कआउट के लिये गाने सेलेक्ट कर रहा था।।

” अब ये भी हमी बताएँ!! तुम्हारी अकल में ना बिल्कुले पत्थर पड़े हैं प्रिंस।।यार कैसे बनिये हो तुम ,, हमरी अम्मा तो कहती हैं बनियों से जादा दिमाग किसी के पास नई होता,,पर तुम तो बिल्कुल बमपिलाट हो।।”

  प्रिंस सदा से बाँसुरी का तरफदार था,इसिलिए आजकल प्रिंस और प्रेम में  ज़रा तनातनी रहने लगी थी।।राजा भैय्या की बात सुन प्रेम चहक उठा __

” भैय्या जी आप हम ठहरे बामण के छोकरे,हमारा तो जन्म ही होता है अपने बाप की चप्पल से पिटने के लिये।।
     ऑफ़िस में बाऊजी को उनका बॉस चमकाया आके हमको धुन देंगे,,गांव में पड़ोसी से जमीन का चिल्ला चिल्ली हुआ आके हमको सून्त देंगे,घर में बहन की शादी नही लग रही पिटाई हमारी होगी,और तो और अम्मा ने लौकी बना दी तब भी हमी धरे जातें  हैं ।।।
    ई तो पुन्यात्मा हैं बनिया घर में पैदा हुआ है, जैसें इनके बाप दादा सोना सहलाते हैं,ऐसे ही फूल की छड़ी से अपना लड़का बच्चा को भी सुधारते हैं, तो भैय्या जी इनको किसी का डर है ये नई,काहे दिमाग दौड़ाएंगे।।”

Advertisements

” अच्छा बे तुमको बहुत बड़ी बड़ी बात सूझ रही हैं,, देख रहें हैं आजकल कुछ ज्यादा ही टर्रा रये हो।”

प्रिंस राजा की घुड़की सुन चुपचाप वहाँ से सटक लिया,।। उसे असल में भैय्या जी के दिल का हाल मालूम नही था,उसने जाकर दूसरा रोमैंटिक ट्रैक बजा दिया__
             ‘ सदियाँ समा गईं इस एक पल में,दिखने लगा सुकून दुनिया की हलचल में ….’

  तभी हल्के से दरवाजा खुला,हमेशा सलवार और कुर्ती पे चोटी बना के आने वाली बांसुरी के सुर आज कुछ बदले से थे।।
     ट्रैक पैंट पे टी शर्ट पहनी बांसुरी ने खुले बालों की उँची सी पोनीटेल बना रखी थी।।

   बांसुरी के प्रवेश करते ही सब उसकी तरफ देखने लगे…राजा भैय्या ने सिर्फ एक उड़ती नज़र डाली और वापस अपने रजिस्टर में मिलाए हुए नामों को वापस मिलाने लगे।।प्रिंस बांसुरी के इस परिवर्तन पे अति प्रसन्न हुआ और उसे बधाई देने कूद कर उस तक पहुंच गया,थोड़ी देर के लिये प्रेम भी चकरा गया।।

” वाह बंसी तुम तो बहुत-बहुत बहुत इस्मार्ट लग रही हो,।”
  बाँसुरी मुस्कुरा कर राजा की तरफ देखने लगी,इस उम्मीद से कि राजा भी शायद उसके नवेले रूप पे कोई टिप्पणी देगा,पर राजा ने सर उठा कर भी नही देखा।।बांसुरी चुपचाप अपने ट्रेड मिल पे चली गई ।
    लगभग 10 मिनट बीत जाने पर भी जब राजा एक बार भी बांसुरी का हाल चाल पूछने नही आया तो बांसुरी ने वहीं से हांक लगाई__
     ” आज क्या स्पीड रखना है हमें,,कुछ बताओगे भी या ऐसे ही बस भागते रहें ।”

  6km/hrs पे आकर राजा ने ट्रेड मिल सेट किया और वापस जाने लगा।।उसे ऐसे वापस जाते देख बांसुरी ने प्रिंस से इशारे से पूछा कि ‘ आज क्या हो गया राजा को?”जैसे इशारे मे उसने पूछा वैसे कंधे ऊपर कर प्रिंस ने जवाब दे दिया कि हमे नही पता।

  ” कब तक चुप बैठें अब तो कुछ है बोलना,
     कुछ तुम बोलो कुछ हम बोलें ओ ढोलना।।”

जैसे ही गाने के बोल जिम में गूंजे राजा ने सर उठा के प्रिंस को देखा,और बस उतने ही मे__” बदल रहें हैं भैय्या जी,बस अभी बदले।।”
  राजा की घूरती आंखों को देख प्रिंस हडबडी में म्युसिक सिस्टम तक भागा,पर तभी बांसुरी के बोल गूंजे__
         ” ए प्रिंस रुको!! काहे बदल रहे,हमें अच्छा लगता है ये गाना।।”

  ” ऊ भैय्या जी को नही ना पसंद इसिलिए बदले दे रहे।”

” अबे हम कब बोले तुमको बदलने।” राजा की घुड़की से घबराया प्रिंस मुहँ लटकाये बाहर निकल गया,बांसुरी राजा के पास आ कर बैठ गई ।।

” क्या हुआ राजा?? कुछ मूड ऑफ़ लग रहा तुम्हारा, घर पे कुछ हुआ क्या।।”

Advertisements

” इस बार भैय्या जी के बाऊ जी ने कसम ले ली है कि अबकी बार अगर राजा भैय्या पास नही हुए तो इनकी हत्या कर देंगे या खुद चूहा मार दवा पी के आत्महत्या कर लेंगे।।”लल्लन बोला

बांसुरी ने आंखे तरेर के लल्लन को देखा फिर पूरी सहानुभूति से राजा को निहारने लगी।।

” अरे इसमें इत्ता परेशान होने की क्या बात,इस बार  राजा सिर्फ पास नही होंगे बल्कि बोर्ड एग्ज़ाम टॉप भी करेंगे,,हम पर भरोसा रखो।।”
  बांसुरी के ऐसा बोलते ही प्रेम भी उछल पड़ा

” हम भी यही कह रहे,भैय्या जी क्यों परेशान हो रहे, अरे पास हो गये तो ठीक वर्ना हम पूरे शहर से चूहा मार दवा खरीद कर यहाँ से बहुत दूर ले जाकर फेंक आयेंगे।।जब बाऊजी को दवा मिलेगा ही नही तो का खा कर मरेंगे।।

राजा ने खा जाने वाली नजरों से प्रेम को देखा और उठ कर अपने में ऑफिस में चल दिया,उसके पीछे पीछे बाँसुरी भी भागी,जाते जाते प्रिंस को दो कप चाय लाने कहती गई ।।

” हमें तो बताओ हुआ क्या है राजा?? कल तो बड़े खुश लग रहे थे, हनुमान जी ने ऐसा क्या मन्त्र फूंक दिया कान मे जो उदासे बैठे हो।”

” काहे परेशान कर रही हो,हमने कहा ना कोई बात नही।।”

” जब कोई बात नही ,तो हमें देखा क्यों नही,??  , हमारी नई ड्रेस पे कोई टीका टिप्पणी नही,,देखो तुम्हारे जैसे हमने भी रीबॉक के जूते पहने हैं, सुबह से तुम्हारे आगे पीछे घूम रहे,पर तुम तो जैसे इस दुनिया में हो ही नही,जाने कहाँ विचर रहे हो।।”

” थोड़ा सर मे दर्द था,और कुछ नही!! बस इसिलिए थोड़े चुप चाप बैठे थे।वैसे अच्छी लग रही हो तुम।।

” थैंक यू!! अब बताओ कि हमारी ट्रेनिंग कबसे शुरु कर रहे,,भास्कर सर के बारे में बताया था ना तुम्हें ।।”

” देखो ट्रेनिंग का जहां तक बात है,हमने लड़की पटाने में कोई पी एच डी तो की नही है,जो हम तुम्हें कुछ सीखा सके बता सकें।।तुम तो हमसे जादा समझदार हो।”

” अरे बाबा कम से कम यही बता दो कि तुम किसी लड़की में क्या देख कर इंप्रेस होते हो।।”

” अब देखो ,जहां तक हमारा सवाल है,हमें ना सभ्य संस्कारी लड़कियाँ अच्छी लगती हैं,सीधी साधी,  भोली सी,,अपने बड़ों का बात मानने वाली,कम बोलने वाली,झगड़ा फसाद ना करने वाली।।”

” बस बस हम समझ गये,,मतलब बिल्कुल हमारे अपोजिट लड़की तुम्हें पसंद है,है ना??”

” अरे नही बाबा!! वो मतलब नही है हमारा,,पर देखो एक बात सच्ची बताएँ,लड़कों को ना बहुत ही जादा ज्ञानी लड़की नही पसंद आती,उन्हें वही भाती है जिसके सामने वो जादा ज्ञानी दिखे,,वो लड़को की इस आदत को का कहते हैं …… अरे वो बोलते हैं ना का ….

” ईगो!!! मेल ईगो!! यही कहते हैं,यही बताना चाह रहे ना।।”

” अब देखो सच्ची बात बताये तो तुम बुरा मान गई,अब यही थोड़ा घुमा फिरा के बोलते तो खुश हो जातीं।।अच्छा सुनो तुम कुछ बातों का ध्यान रखना अपने सर के सामने फिर देखना कैसे तुम्हारा जादू चलता है,,, पहला तो उनकी क्लास मे कभी उचक उचक के जवाब मत बताना , नही उन्हें लगेगा इसे पढ़ाने का कोनो ज़रूरत ही नही,,दूसरा जो सवाल बन रहा उसे भी उनसे पूछना क्योंकि इससे उन्हे अन्दर से खुशी मिलेगी कि तुम उनसे कम हो,और वो तुमसे कहीं जादा बुद्धिमान हैं।।
     धीरे से दोस्ती हो जाये,तब उनका हर बात का ध्यान रखना,जैसे हमारा रखती थी,कि कौन सी आंटी फीस भरी है कौन सी नही।”
  ये बोल कर राजा हंसने लगा,बांसुरी भी।।

Advertisements

” हर छोटी छोटी बात उनसे पूछ कर करना ,भले तुम करो अपने मन की पर सामने वाले को ये लगे कि तुम उनके हिसाब से सब कर रही हो,,बस यही दो चार बातें आजमा लो,तुम्हारा काम हो जायेगा।”

” काम हो जायेगा तो ऐसे बोल रहे जैसे तुम कोई गुरू घंटाल हो,,एक घन्टे में मोहिनी,सौतन से छुटकारा,प्रेमी को वश मे करें,वाले विज्ञापन के बाबा जी की तरह।।”
  बाँसुरी की खिलखिलाने की आवाज़ सुन कर निश्चिंत हो प्रिंस चाय लिये अन्दर आया।।

” बताओ अब आये हो चाय लेकर,अब तो हमारा जाने का समय हो गया।।” बान्सूरी के ऐसा बोलते ही राजा ने  भी खबर ली

“ये पहले गौ माता के पास जाकर दूध निकलवातें हैं,उसके बाद ऊ दूध लिये चमन के पास लाते हैं तब जाके कहीं चाय बनती है,,क्यों हो प्रभु,सही बोले ना हम।।”

” अरे का भईया जी,कतना तारीफ करेंगे हमारा,  लिजिये चाय लिजिये आप दुनो,हम अपनी भी यहीं ले आये।।

अभी तीनों ने अपनी अपनी चाय पीनी शुरु की थी कि जिम में बाहर से किसी ने राजा भैय्या के नाम की पुकार लगा दी,प्रिंस हम देखते हैं बोलकर बाहर दौड़ा, जितनी द्रुत गति से बाहर गया था वैसी ही त्वरित गति से अन्दर भागा__
    ” भैय्या जी ऊ भौजाई आई हैं ।।”
 
  ” हमरी तो शादी ही नही हुई,कहाँ से तुम्हारी भौजाई पैदा हो गई  बे!! कुछ भी बकते हो।

  ” अरे भैय्या जी बड़की भौजाई आई हैं,उनके साथ एक और कोनो लड़की है।।”

राजा भैय्या ने अपना एक हाथ हल्के से अपने माथे पर मारा_ ” अरे यार !! हम भूल गये रहे,,आज भाभी की बहन को स्टेशन लेने जाना था……राजा भैय्या की बात पूरी भी नही हो पाई थी कि दरवाज़ा खोल रुपा भाभी कमर पर हाथ टिकाये खड़ी हो गई।

” काहे लल्ला जी,जब जाना ही नही रहा तो हमे पहले काहे नई बता दिये,,बेचारी रेखा स्टेसन में खड़े खड़े आधा घंटा बेट करी,तब बिचारी हमें फ़ोन करी और हम इसे लेने गये।।”

” काहे इत्ती अनपढ़ है कि अकेले रिक्सा में घर नही आ सकती।।” प्रेम ने धीरे से फुलजड़ी छोड़ी और प्रेम  प्रिंस बांसुरी खिलखिला पड़े

” का बोले तुम प्रेम” ।

” कुछ नही भौजी!! हम बोले तनिक बैठ जाओ,हम समोसा मँगा देते हैं,ए प्रिंस लगाओ यार लल्लन को फ़ोन लगाओ , कहाँ है आजकल??”

प्रेम की इस बात का सभी ने एक स्वर में समर्थन किया।।
रेखा राजा में अपने होने वाले पति को देख रही थी, इसलिये उसके चेहरे पर लज्जा का अभिनय था, शर्म की लुनायी थी।।

राजा अपने मन में त्रस्त था,उसके मन में कुछ समय पहले खिला प्रेम का फूल हवा पानी के अभाव में अकेला इधर उधर डोल रहा था,उसे जिस माली के स्नेह सिंचन की आवश्यकता थी,वो माली अवकाश ग्रहण कर दूसरे की बगिया संवारने में खुद को व्यस्त किये था।।

  बांसुरी रेखा को देख रही थी जो  लगातार राजा को ताड़ रही थी,,बांसुरी राजा भैय्या के चार्म से अपरिचित थी,ऐसा नही था।।वो आये दिन ही जिम में आने वाली अनोखी अलबेली वारान्गनाओं के लटकों झटकों का कारण भली प्रकार समझती थी,पर रेखा की दृष्टी उसे चुभ गई ।।

“कहाँ है भई तुम्हारा समोसा?? इत्ती देर लगा दी,ए प्रेम ऊ लल्लन को फोन घुमाओ की तली मिर्ची भी हमारे लिये अलग से लेता आयेगा।।”

रूपा की इस बात पे राजा ने फ़ोन लगाया__” भाभी औ कुछ मँगा दें,,जलेबी खाओगी??”

” जो मँगाना है जल्दी मँगा दो,,हम तो रेखा को लेके घर जा रहे थे,यही बोली कि राजा हमे लेने कैसे नही आया,चलो दीदी देखे क्या कर रहा ,इसिलिए आ गये,बस चाय पी के निकल जायेंगे हम,,पूरा काम बिखरा पड़ा है,,हम ना करें तो इस घर का एक पत्ता ना हिले,,बहू नही नौकरानी हैं हम….

” अरे का भौजी,नौकरानी नही आप रानी हैं रानी!! कभी रूप देखी हैं अपना,,एकदम किसी रियासत की महारानी सी लगती हैं ।”प्रिंस की बात पर रूपा का बिगड़ा मूड संभल गया

” ऊ तो हम खानदानी रईस जो ठहरे।”भाभी की इस बात को सुन राजा को हँसी आ गई,,वो कई बार अपनी माँ की बड़बड़ इस बाबत सुन चुका था,जब कभी घर पे सास बहु की महाभारत छिड़ती और रूपा अपने कोप भवन में प्रस्थान कर जाती तब पीछे से सासु माँ का रूपा के खानदान का जो बखान शुरु होता ” हूंह बड़ी आई रईस !! जैसे हम नई जानती कि इनके बाप मिट्टी का तेल ( क्रूड ऑयल) प्लाण्ट से चुरा चुरा के बेच बाच के तो रुपया जोड़े,किसके किसके हाथ पांव जोड़ के बकालत का डिग्री खरीदे,अब चार पैसा घर में आ गया तो बडे जमींदार बन रहे।” अम्मा की ये बात याद करके राजा मुस्कुरा रहा था कि रेखा ने उससे सवाल कर दिया_

Advertisements

” ये लड़की कौन है राजा?? जो आपके साथ खड़ी है?” किसी को ऐसे रूखे सवाल की अपेक्षा नही थी

” मैं बाँसुरी हूँ,यहाँ राजा का जिम जॉइन किया हुआ है।।” बांसुरी को पता था कि राजा अपने पढ़ने वाली बात किसी को नही बताना चाहता था।।

” और हमारी टीचर जी भी,क्यों ठीक है ना बांसुरी ।”

राजा मुस्कुरा कर बांसुरी को देखने लगा,,पर उसका इस तरह किसी और लड़की को देख कर मुस्कुराना दोनो बहनों को अन्दर तक भस्म कर गया।।अभी रूपा कुछ कहने ही जा रही थी कि दरवाजा खोल कर लल्लन समोसों की खुशबू से हवा को महकाते अन्दर आया।।

  अन्दर आते ही सारा सामान सामने रखे टेबल पर रख उसने जैसे ही सर ऊपर किया उसकी नज़र रेखा पर पड़ी __” अरे शोना तुम?”

” रोहित तुम?? तुम यहाँ कैसे?? रेखा ने लल्लन से सवाल किया,दोनो के सवाल सुन रूपा ने रेखा को घूर के देखा__” तुम दोनो एक दूजे को कैसे जानते हो,और ये तुम्हारा शोना नाम कब से पड़ गया रेखा।”

रूपा भाभी के अलावा वहाँ बैठे सभी लोगों को सब समझ आ चुका था,,प्रिंस ने धीरे से चुटकी ली__

” तो ई हैं हमरे लल्लन की शोना बाबु।””प्रिंस चुटकी ले और प्रेम चुप बैठा रहे,ये असम्भव था,अगला वार उसका हुआ_
           ” जी हाँ और दढ़ियल लल्लन हैं इनके बेबी।।।”

” तुम दोनो का खुसर फुसर कर रहे हो हैं??” हम देख रहे ,लल्ला जी के जिम में आजकल यारी दोस्ती की महफिल जादा सज रही,,ए रेखा जल्दी जल्दी ई समोसा ठूसो और घर चलो,घर पहुंच के जानेंगे तुमसे सब ।।”

बाँसुरी सर झुकाये अपनी हँसी रोकने के प्रयास में थी,कि राजा ने सबसे पहले उसी के सामने समोसे बढ़ा दिये।

” पक्का बताओ हम खा लें,जब से तुमने मना किया , तबसे कचौड़ी और समोसा छुआ तक नही,, तीन महीने हो गये।।” हँसते हुए बांसुरी ने कहा।।

” बहुत कहा मानती हो लल्ला जी का,,ऐसा भी क्या हो गया।” रूपा के इस सवाल का जवाब दिया प्रिंस ने

” अरे भौजी ,,बांसुरी तो कम ही बात मानती है भैय्या जी की। पर भैय्या जी तो हर काम बांसुरी के मन का ही करते हैं, हम पे भरोसा ना हो तो पूछ लो भैय्या जी से।।” प्रिंस के बौड़मपने पे प्रेम ज़ोर से हंसने लगा और उसने आगे बढ़ कर बात संभाल ली__

” अरे आप लोग पहिले समोसा तो खाईये,ऊ भी चीख चीख कर कह रहा,हमरे ठन्डे होने से पहले हमे खा लो।”

Advertisements

          रूपा रेखा को लेकर जब जिम की सीढिय़ां उतरने लगी,तब उसे कार में बैठा कर रेखा दो मिनट में आई कह कर वापस जिम में घुस गई __

” रोहित सुनो!! तुम से कुछ बहुत ज़रूरी बात करनी है,घर से फ़ोन नही कर पायेंगे,दीदी हमारे सर पे सवार रहेगी,,, तुम शाम को यहीं जिम मे हमसे मिलना,,हम किसी बहाने यहाँ आ जायेंगे,समझे।।”

” हाँ हम आ जायेंगे,शाम को 5 बजे जिम खुलेगा,  आज प्रिंस से चाबी हम ले जायेंगे,तुम समय से आ जाना बस।।”

रेखा लल्लन को बाय बोल कर बाहर निकल गई, हल्की सी मुस्कान के साथ जैसे ही लल्लन पलटा सांमने राजा और बाकी लोगों को खड़ा देख हडबडा गया।।

” तो ई है तुम्हरी नैकी जिसके लिये ‘ चदरिया झिनी रे झिनी ‘ सुना सुना के हमारे कान फाड़ दिये तुम?”

लल्लन नीचे सिर किये अपने बालों पे हाथ फिराता शर्माता खड़ा रहा।।

सभी मुस्कुराने हंसने खिलखिलाने लगे तभी राजा को जैसे कुछ याद आया_ ” अबे लल्लन तुम तो सूर्यवंसी लिखते हो ना।।अबे गज़ब कर दिये गुरू,,अब फिर पिंकी औ रतन वाला किस्सा दोहराना पड़ेगा।।”

” तो क्या हुआ,तुम हो ना सबके तारणहार!! तुम्हारे रहते किसी का बुरा हो सकता है,,,कभी कभी तो हमे लगता है,अगर तुम नही होते तो इन सब का क्या होता।।” बांसुरी की बात सुन राजा के मुहँ से निकल गया__” और तुम्हारा??”

” हाँ सही कह रहे,हमारा भी!! हम भी तो तुम्हारे कारण ही ऐसे दिखने लगे।।बाँसुरी खिल्खिलाती हुई वहाँ से बाहर चली गई,और बाकी सारे के सारे लल्लन को घसीटते हुए उसपे लात घूंसे चलाते हुए उसकी राम कथा सुनने लगे।।

क्रमशः

Advertisements

aparna..

Advertisements

लेखक: Aparna Mishra

दिल से लेखक हूँ... मेरे किस्सों में आप खुद को ढूंढ सकते हैं... 80aparna.mishra@gmail.com

5 विचार “शादी.कॉम -12” पर

  1. मैडम वैसे तो मैं सवाल बहुत पूछती हूं इसीलिए आज एक और सवाल. अब आप जीवनसाथी को खत्म करने वाली हैं तो क्यों नहीं आप शादी. कॉम को आगे बढ़ाये और राजा और बाँसुरी की शादी के बाद क्या हुआ हमें भी बताएं.
    क्या करें ये दिल मांगे मोर 🙂🙂

    Liked by 1 व्यक्ति

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s