दिल से….

कायाकल्प चैलेंज:-

सुप्रभात दोस्तों। कैसे हैं आप सब? हेल्दी एंड एनर्जेटिक?.. बिल्कुल!!!

आप लोगों ने अगर ईमानदारी से पूरे सात दिन 20 बार सूर्य नमस्कार करने के बाद 15 मिनट का डांस किया है और गर्म पानी के साथ जिंजर पाउडर हनी लेमन लिया है तो आप अपने आप में खुद फर्क महसूस कर पाएंगे।

देखिए हमें किसी को कुछ साबित करने के लिए नही बल्कि खुद को साबित करने के लिए ये करना है। सिर्फ अपने आप के लिए करना है। यकीन मानिए जब आप अपनी सुबह योग और व्यायाम से करते हैं तो पूरा दिन बेहतरीन बीतता है।

आपमें से कुछ लोग थायरॉइड के लिए योग पूछ रहे थे। आज उसके बारे में छोटी सी जानकारी दूंगी।

थायराइड के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यायाम या योग है सूर्यं नमस्कार !! इसे करने की विधि आप सब जानते ही हैं।

थायरॉइड के लिए मुख्य रूप से निम्न योगासन लाभ देते हैं।

1) मत्स्यासन :- सुखासन में बैठ कर धीमे से पीछे की तरफ झुकते हुए सिर को ज़मीन से टिका कर रखना है। इस पोज़ में गर्दन और कंधों पर स्ट्रेच आता है जो थायरॉइड के लिए लाभप्रद है।

मत्स्यासन

2) सर्वांगासन :- इस आसन में आराम से लेटने के बाद पैरों को धीरे धीरे उठाते हुए सीधा 90 डिग्री एंगल पर लाएं। जसके बाद हाथों की सहायता से कमर को सपोर्ट करते हुए कमर को ऊपर उठाते जाएं।

इस आसन में भी कंधों और सिर पर पूरा संतुलन टिका होता है तथा गर्दन पर अच्छे से स्ट्रेच आता है।

सर्वांगासन

3) हलासन :-

हलासन करने का तरीका

पीठ के बल सीधा लेटने के बाद हाथों को शरीर से सटाकर सीधा रखें. पैरों को घुटने से मोड़े बिना धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं और फिर सांस छोड़ते हुए पीठ को उठाते हुए पैरों को पीछे की ओर ले जाएं. पैरों की अंगुलियों को जमीन से स्पर्श करने का प्रयास करें. 
– करीब एक मिनट तक इस अवस्था में रहते हुए धीरे-धीरे मूल अवस्था में आ जाएं.

हलासन

4) सिंहासन :-इस आसन को थायराइड के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं। अब अपने दाएं पैर को मोड़ें और उसे बाएं पैर की जांघ पर रख लें और बाएं पैर को मोड़ें और उसे दाएं पैर की जांघ पर रख लें। इसके बाद आगे की ओर झुक जाएं। उसके अलावा वज्रासन में बैठ कर दोनों घुटनों के बल होते हुए अपने हाथों को सीधा कर फर्श पर रख लें। इसके बाद अपने शरीर के उपर के हिस्से को आगे की ओर खीचें। अपने मुंह को खोलें और जीभ को मुंह से बाहर की ओर निकालें। नाक से सांस लेते हुए मुंह से आवाज करें। इसे रोजाना 7-11 बार करें। सिंह के समान गर्जन की आवाज़ इसमें निकालनी होती है।

सिंहासन

लेखक: Aparna Mishra

दिल से लेखक हूँ... मेरे किस्सों में आप खुद को ढूंढ सकते हैं... 80aparna.mishra@gmail.com

17 विचार “दिल से….” पर

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